अकुताना – Getting impatient, often due to boredom.
काहे अकुता गए अतना, अभी त आरती सुरुए नहीं हुआ है
‘Why are you getting so impatient? Aarti has not yet started.’
काहे अकुता रहे हैं, लिफाफा दिए हैं त बिना खाना खाए जायेंगे
The wise wife telling her simpleton husband at a wedding function:
‘Why are you getting impatient? We have given 2000 rupees in shagun, are we leaving without having our meal?’
अब चले के, बचवा बहुत अकुता रहा है
‘Let us move now, the baby is getting cranky’.
बहुत सुंदर ! भोजपुरी का कोश विशाल है | लगभग असीमित | मैं कुछ शब्द आपके मनन हेतु दे रहा हूँ |
जब मन करे, लिख दीं | हम अकुताइल नइखीं |
जब भोजन एक दिन के हो जाला, त ऊ ‘बसिया’ हो जाला |
तो, पहला शब्द है, ‘बसिया’ |
जब बर्तन धोने के बाद भी ठीक से साफ़ नहीं होता है, और उसमें कुछ लगा रह जाता है, तो कहते हैं, बर्तन में कुछ ‘खरकटल’ बा |
तो, दूसरा शब्द है, ‘खरकटल’ |
आप इन शब्दों का अपने ढंग से विस्तार कर दें |
नरेन्द्र जी,
सिर्फ भोजने ना. कौनो चीज़ बासी हो सकेला. शायर लोग मुशायरा में रौवा देखले होखब कि कहेलन स कि एकदम टटका ग़ज़ल हम सुनावतानी. बाक़ी सब त बसिये नु भईल, कहस चाहे ना कहस.
खरकटल बड़ा सुंदर शब्द बा.